नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
जीवनरक्षक मां काली : माता काली की पूजा या भक्ति करने वालों को माता सभी तरह से निर्भीक और सुखी बना देती हैं। वे अपने भक्तों को सभी तरह की परेशानियों से बचाती हैं।
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
मां की आरती गाएं, उन्हें click here फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
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मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।